अगर आप सुपरस्टार के बच्चे है तो क्या आप भी सुपरस्टार होंगे इसकी क्या गारेंटी हैं ?

आज कल बहुत से लड़के लड़कियां सपने देखते है की
उन्हें एक्टर बनना है, बॉलीवुड में नाम कमाना है, खुद अपना इतिहास लिखना है, वगैरह वगैरह वगैरह….. बहुत कुछ अपने सपनों से चाहते है। इन सपनची लोगों को अपना सपना को साकार करने के लिए मुम्बई तो आना ही पड़ेगा न!। कुछ खुशनशीब सपनची मुम्बई पहुच जाते है, कुछ बिचारे मुम्बई के सपने ही देखते रह जाते हैं। जो मुम्बई आ जाते है वो लोग पूरी ईमानदारी के साथ, सच्चे दिल से स्ट्रगल की शुरुवात करते है।

महीना, दो महीना, चार महीनों तक भी स्ट्रगल करने पर अगर काम नही मिलता है तो अपने आपको बहुत कमजोर महसूस करने लगते है। “की अरे मुझसे नही हो पायेगा ?” “यहा तो सिर्फ जिसका परिवार फिल्मी बैकग्राउंड से है उसी को काम मिलता है”।
ऐसे कई ख्याल दिमाग मे चलने लगते है, अब सोचने लगते है करे तो क्या करे , वापस तो घर लौट नही सकते, क्या मुंह लेकर घर लौटेंगे। बहुत ऐसे भी होते है जो परेशान होकर ड्रग्स लेने लगते है या कभी कभी आत्महत्या को गले लगा लेते है, खास कर वो जो कायर सोच के होते है।

और बहुत लोग ऐसे भी होते है जिन्हें अपने ऊपर, अपने भगवान के ऊपर, अपनी योग्यता के ऊपर पूरा का पूरा भरोसा होता है
“कि जरूर अच्छा होगा”।  लेकिन जो लोग यह सोचते है कि यहाँ सिर्फ जिसका परिवार फिल्मी बैकग्राउंड से है, उसी का कुछ हो सकता है……….तो ऐसा कुछ भी नही है, अगर ऐसा होता तो …..यश चोपड़ा अपने बेटे उदय चोपड़ा को कभी का बॉलीवुड का सुपरस्टार बना देते, अगर ऐसा होता तो अमिताभ बच्चन अपने बेटे अभिषेक बच्चन को बहुत बड़ा सुपरस्टार बना देते, अगर ऐसा होता तो बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर-प्रोड्यूसर फिरोज खान अपने बेटे फरदीन खान को एक कामयाब एक्टर बना देते, अगर ऐसा होता तो जीतेन्द्र कपूर अपने बेटे तुषार कपूर को कामयाबी हासिल करा देते।
मैं ये बताना चाहता हूँ की ऐसा बिल्कुल नही है की फिल्मी बैकग्राउंड से ताल्लुक रखने वाले लोग ही एक सफल एक्टर बन सकते है। परन्तु ये जरूर कहा जा सकता है कि इन लोगो को मौका आसानी से मिल सकता है, लेकिन कामयाबी खुद के उपर है। सीधी साफ और सरल बात यह है कि जो सपनों के शहेंशाह मुम्बई शहर में स्ट्रगल करने आते है, दिल लगा के स्ट्रगल करें और खुद पर भरोसा जरूर रखें।

न हो तो निराश,न कर मन को उदास

उदासी छीन लेगी, तेरे तड़पते मन कि आस

आज की शाम तू क्यों और जीने से डरता है,

क्या पता कल सुबह तू इस सूरज को रोशन कर दे।

 

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