वासनम Scene # 7

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Sc # 7 Present

Location : Well furnish house/Hall
Effect : Early Morning
Character : Saloni

सलोनी : मुझे आज ये एहसास हो रहा है कि उसी समय मास्टर जी को अपने पाप का बोध हो गया था। दूसरों को ज्ञान देने वाले मास्टर जी का ज्ञान शून्य हो जाता हैं और वो इस तरह की ओछी हरकतें मेरे साथ करते थे ये बात मैं आज सोचकर मास्टर जी की हैवानियत पर तरस आता हैं लेकिन जब मैं अपने दूर के रिश्ते के मामा जी के बारे में सोचती हूँ तो मेरा मन घृणा और प्रतिशोध से भर जाता हैं की कैसे मेरी माँ मुझे खिलाने पिलाने के बाद कभी कभार हमारे घर आये उस मामाजी के पास मेरी माँ मुझे सुलाने के लिए छोड़ जाती थी और खुद पाप के पास जाकर सो जाती थी और वो मामाजीं मुझे पुलुलु करते करते सुला देते थे और जब मैं गहरी नींद में सो जाया करती थी तब वो चुपके से मेरे नन्हे मुलायम कोमल हथेलियों को अपने प्राइवेट पार्ट पर ले जाकर चरम आनंद का सुख लेते थे। थैंक गॉड की उनकी हिम्मत कभी मेरे साथ जबरदस्ती करने की नहीं हुई लेकिन ये किसी जबरदस्ती से कम नहीं थी।

(जब वॉइस ओवर चल रहा होगा तब हम फ़्लैश कट में नन्ही सलोनी के साथ मामाजी के इस कृत्य को दिखायेंगे।)
सलोनी V/O : हम लड़कियां अपने घर में अपने रिश्तेदारों के हाथ भी सुरक्षित नहीं हैं।

पर आज के जमाने मे लोगों को पाप का बोध होना तो दूर, अपने किये पाप कर्म पर शर्म भी नहीं आती। जरूरी नही हैं कि कोई आपको जवानी में ही पसन्द आये या आप किसी के प्रति जवानी में ही आकर्षित हो……मुझे भी कोई पसन्द आया था बचपन मे…………एक खिंचाव से महसूस करती थी उसके प्रति…….मैंने उसे अपने दिल के झरोखे में रखना चाहा पर मुझे ये नही पता था कि मेरी ये चाहत मुझे इस कदर झिंझोड़ कर रख देगी कि……….. जो कभी मुझे सबसे प्यारा लगता था उस बन्दे से मैं इतना नफरत करूंगी………..नफरत से भी ज्यादा नफरत हो गई थी मुझे अपनी चाहत से
Cut to***

1 COMMENT

  1. Hello sir..I m an artist doing acting so if there is any requirement in my age character.. Plzz let me give a chance for audition..i will do my best😊

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