वासनम Scene No. 4

Scene No. 4  ( Present )

Location : same as in Sc. No.1
Effect : same as in Sc. No. 1
Character : Saloni
( Flash back खत्म होता हैं। )
सलोनी V/O : सलोनी…….नाम तो माँ ने रख दिया ……….सलोनी……पर जब से पैदा हुई हूँ…… दाई माँ की तरह हालात हमेशा मुझे मेरे पिछवाड़े पर चपत मार रही हैं…..और मुझे लड़की होने का अहसास दिलाती हैं…..और तो और……..जब भी कोई मुझे देखता है तो उसकी सबसे पहले नज़र मेरे अगवाड़े पर पड़ती है जिसे देखकर दाई माँ ने मेरी माँ को मेरे लड़की होने की मुबारक बाद दी थी। आज मुझे समझ मे आ रहा है कि उस वक़्त दाई माँ ने क्यो कहा था, ” बेड़ा गर्क हो बेटी हुई है ” क्योंकि लड़की का जीवन किसी बेड़ा गर्क से कम नहीं होता हैं। माँ ने तो मेरा नाम सलोनी रखा था लेकिन मैं मर्दों के हवश की कॉलोनी बन गई। हवश की कॉलोनी हम लड़कियां इसलिए बन जाती है क्यों कि हम खूबसूरत होते हैं। हम लड़कियों की खूबसूरती हमारे लिए अभिशाप बन जाती हैं। बचपन मे मेरी माँ (Flash back शुरू होता हैं )
Cut to***

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