वासनम Scene No. 6

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​Scene No. 6 

FLASH BACK

Location : Master ji House

Effect : Evening

Characters : 6 year old Saloni, Middle age Master ji
( According to Sound over lap of young  Saloni, shots of master ji with kid saloni will be shoot )
सलोनी V/O : स्कूल, कॉलेज, शहर, गांव और नौकरी में तो लोग घूरते ही थे………या घूरते है………लेकिन जब हम पहली कक्षा में पढ़ते थे तब पहाड़ा पढ़ानेवाले खूसट मास्टर जी भी हमे घूर कर देखते थे। बचपन मे जब स्कूल जाया करते थे तब हमें ये एहसास भी नहीं रहता था कि हमारे साथ न जाने किस तरह से मास्टर जी भी अपनी सेक्स की भूख मिटा लेते थे। आज जब उस पल के बारे में सोचती हूँ तो ऐसा लगता हैं कि लड़कियां बड़ी होकर ही बोझ नहीं बनती बल्कि बचपन से ही किसी न किसी इंसान के सेक्स के बोझ को हल्का करने वाली मशीन की तरह इस्तेमाल होती हैं।

( सलोनी अपनी सहेलियों के साथ मास्टर जी के घर पढ़ने आई हैं। मास्टर जी सलोनी को अपने करीब लाकर उसके गालों को सहलाते हैं। )
मास्टर जी : बड़ी प्याली बच्ची हो तुम….बड़ी होशियार बच्ची हो सलोनी….अच्छा ये बताओ तुम्हे 2 का पहाड़ा याद हुआ कि नहीं…..क्या…..अब तक याद नहीं हुआ……तलो तलो तलो हम सलोनी को पहाड़ा याद करवाते है अभी…..चलो मेरे साथ बोलो…….दो एक्कम दो, दो दूनी चार,दो तिया छः, दो चौके आठ………………
( पहाड़ा पढ़ाते हुए मास्टर जी सलोनी के कोमल बदन पर हाथ से सहलाना शुरू करते हैं। गालों को सहलाते हुए…..उनका हाथ सलोनी के कमर तक पहुच जाता है……उनकी आंखों में नशा तैरने लगता है…..उनकी सांसें हल्के हल्के गर्म होने लगती है…..पहाड़ा पढ़ाते पढ़ाते एक बार तो उनका हाथ सलोनी के कमर और पेट को सहलाते हुए नीचे की ओर बढ़ने लगता है लेकिन अगले ही पल वो झिझक जाते है, झेंप जाते है, अपने आपको वो रोक लेते है, सलोनी के बदन से हाथ हटा लेते है, सलोनी को अपनी गोद से उतार देते है, और  उनका तन मन जैसे बुझ से जाता हैं )

सलोनी : मास्टर जी मास्टर जी, दो अट्ठे
मास्टर जी : दो अट्ठे सोलह
( लेकिन उनके आवाज़ में एक प्रायश्चित, पश्चाताप की गूंज सुनाई देती हैं। )
सलोनी : दो दहम्मे बीस

Cut to***

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