Audition Script 5

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AUDITION SCRIPT
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Dialogue Script of
1) Saloni
2) Saloni’s Father
 Vasnam
Father :  
मैं तुम्हे कुछ कहने नहीं आया हूँ मेरी बच्ची । ना तोहमत लगाने आया हूँ ना नसीहत देने । मुझे पता है इस वक्त तेरे मन पर क्या बीत रहीं हैं ? मुझे पता हैं इस हालात में तू कितनी अकेली पड़ गई हैं ? पर तू अपने आपको मत कोस !!! तेरे इस हालात के लिए मैं जिम्मेदार हूँ बेटी !!!! ।
Saloni :   
नहीं पापा ऐसा मत कहिये । पापा आपने तो मुझे पहले ही बता दिया था की मुंबई मत जाओ। वो माया नगरी हैं। वहां बहुत भूल भुलैया हैं। फिल्म लाइन में काम देने के लिए बड़े से बड़े भेदिये बैठे है जो मेरी एक्टिंग का बुखार उतार देंगे । वही हुआ न पापा । देखिये मैंने आपकी बात नहीं मानी और मुंबई के भूल भुलैया में भेड़ियों के बीच अपना सब कुच्छ भूल कर आ गई। पापा अब मेरा बुखार उतर चूका है लेकिन बदले में इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी मुझे । (रोने लगती हैं)
 Father :   
सलोनी मेरी बच्ची चुप हो जा। आज उम्र के इस पड़ाव पर आकर मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हु की जो जैसा करता है वो वैसा भरता हैं। कुदरत आपके बुरे कारनामे को पलट कर आपको भोगने लिए मजबूर करती हैं।
 Saloni :
 पापा मैंने किसका बुरा किया हैं पापा जो आज मैं ये भोगने के लिए मजबूर हु। मुझे याद नहीं की मैंने अब तक की अपनी जिन्दगी में किसी को धोखा दिया हो जो बदले में धोखा मुझे मिला। मैंने किसी को जलील किया हो जो बदले में जलालत मुझे मिल रही हो। मैंने किसी को ऐसे हालात में पहुचाया हो की बदले में आज मैं ऐसे मुकाम पर आ गई हूँ की इधर खाई उधर कुआँ। जीऊ तो किस मुंह को लेकर जिउं और मर भी जाऊ तो आप लोगों को कहीं भी मूंह दिखाने लायक न छोडूं।
Father : 
ना बेटा ना। मेरी बच्ची सलोनी ।। इस हालात के लिए सिर्फ तू जिम्मेदार नहीं हैं। ये तेरे किये किसी पाप के बदले में तुझे ये नर्क की जिंदगी नही मिली हैं। कभी कभी इंसान को अपने किये की सज़ा खुद नहीं मिलती बल्कि उसके किये की सज़ा उसके दिल के सबसे करीब रहने वाले को मिलती हैं। मैं तुझसे हाथ जोडकर माफ़ी मांगने आया हूँ की तू आज जो भोग रही हैं उसका जिम्मेदार मैं हूँ सिर्फ मैं क्यों की आज मुझे तेरे सामने कन्फेस करने में कोई शर्म नहीं है की तेरी माँ से शादी के पहले मैं किसी और लडकी से प्यार करता था। वो भी मुझसे बहुत प्यार करती थी। हमारे इसी प्यार के कारण वो गर्भवती हो गई । जब उसने मुझसे शादी की जिद्द की तो मैंने सामाजिक सरोकार और पारिवारिक हैसियत का हवाला देकर उसको बीच मझधार में छोड़ दिया। मुझे नहीं पता की उसने मेरे बच्चे को जन्म दिया की नहीं । मेरे छोड़ने के बाद वो जिंदा भी रही या मर गईं। सच कहूँ तो पिछले 25 वर्षों में मुझे कभी भी उसका रत्ती भर भी ख्याल नहीं आया की उसके उपर क्या बीती होगी क्यों की मैं पुरुष हूँ। मेरी वजह से किसी स्त्री पर क्या फर्क पड़ता हैं उससे मुझे क्या मतलब !!! लेकिन मुझे आज तुझे इस हालात में देखकर ये एहसास हुआ की जो तुझपर बीत रही हैं कुछ ऐसा ही या इससे भी बुरा उस पर बीती होगी तो उसकी हाय लगनी थी सो लग गई। मैं तुझसे बहुत प्यार करता हूँ बेटी । तुझे राइ भर भी तकलीफ नहीं होने दे सकता लेकिन देख कुदरत की ये कैसी मार की मेरे कर्मों की सज़ा मेरे फूल जैसी बच्ची को मिल रहा हैं। ( हाथ जोडकर ) मुझे माफ़ कर दे बेटी मैं तेरे सामने हाथ जोडकर अपने गुनाहों की माफ़ी मांगता हूँ । ( रोते हुए ) आज मुझे अहसास हो गया की सिर्फ अपनी बहन बेटी बहु को आप जैसा देखते हो वैसे ही दुसरो की बहन बहु बेटी के प्रति नजरिया रखना चाहिए। मुझे माफ़ कर दे बेटी ।
 Saloni :  
पापा प्लीज । ( दोनों गले चिपटकर बच्चों की तरह रोते हैं। )
Audition Over

6 COMMENTS

  1. sir kya mujhe meri choti bhen ke liye koi script milegi she is 10 years old
    please send me the scripts at my gmail id

    regards amanjyot

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