Audition Script | Fathers Suggestion To Daughter

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पिता : आ गई बेटी, मुझे पता था कि एक दिन तू लौट कर जरूर आएगी। ऐसे फ़टी फ़टी आंखों से क्या देख रही हो ? तुझे तो यहां आना ही था। अब चिंता मत कर बेटी, अब तेरे साथ कुछ भी बुरा नहीं होगा। जितना बुरा होना था वो हो चुका। अपनी जिद्द की वजह से बहुत अकेली रही है तू, अपने स्वाभिमान के लिए बहुत कष्ट सहे है तूने…. लेकिन अब तेरा समय बदलने वाला है, अब तेरा भाग्य तुझसे कोई नहीं छीन सकता क्योंकि तूने सही मार्ग चुना है। माना कि तेरी राह दुर्गम है, कठिन है, ठोकरें है, उस राह पर चलने से तुझे चोट भी लगेगी, दर्द होगा, कष्ट होगा लेकिन तुझे सब कुछ सहना होगा क्योंकि उसी राह में तेरी खुशियां है, उसी राह में तेरा भाग्य है। अब तुझे जो भी मिलेगा वही तेरा सच्चा हमसफ़र होगा, जो तुझे मान देगा, सम्मान देगा, प्यार देगा, हिम्मत देगा, साथ देगा क्योंकि अब किस्मत का खेल नहीं, तेरी तपस्या त्याग और बलिदान का खेल अपना रंग दिखायेगा। बेटी, अपनी आंखें बंद कर, मन को टटोल, अपने आस पास ढूंढ, तेरा अंतर्मन तुझे सही राह सुझाएगा, जो तेरा है, वो तुझे अवश्य दिख जाएगा। मेरी दुआएं तेरे साथ है बेटी। अपने पिता को तू तब समझ पाएगी जब तू अपने बच्चे के पिता की छटपटाहट को देखेगी तब तुझे रिश्तों के मर्म का अनुभव होगा।

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