Audition Script 10

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Audition Script Sc # 9

ताज़ा घाव है, गहरा घाव है। बहुत गहरा घाव हैं। तुम्हारे मन के बहुत भीतर तक पहुच चुका हैं यह घाव।

दर्द का कुँवा हैं यह घाव और इसी दर्द के कुएं में तुम जीओगे, इसी दर्द के कुएं में तुम मरोगे परन्तु तुम्हारी परेशानियां मरने का नाम नहीं ले रही हैं।

यही तुम्हारी परेशानी है ना ?

मनुष्य का स्वभाव होता है कि वो परेशानियों को अपनी ज़िंदगी बना लेता है फिर यह अपेक्षा करता है कि ये परेशानियां उसी जिंदगी से दूर हो जाये। भला ऐसे में ये परेशानियां कैसे दूर हो सकती है जिसको आपने अपने बहुत करीब अपने अंतर्मन में लपेट कर रखा हैं।

जब इन्ही परेशानियों से हम परास्त हो जाते है तो सोचते है कि मृत्यु………सिर्फ मृत्यु ही हमें इन परेशानियों से मुक्ति दिला सकती हैं। परेशानियों का बोझ कम करने का एक ही रास्ता है……..मृत्यु।

ऐसी सोच रखने वालों की संख्या 99 प्रतिशत है लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि मृत्यु कोई इच्छा नहीं है जो पूर्ण हो या अपूर्ण हो।

मृत्यु तो सत्य है………
शाश्वत सत्य है……….
अनन्त यात्रा के बाद एक वो पड़ाव जहाँ सबको जाना है……..

लेकिन जाना कब है यह किसी को नहीं पता ?
बुलावा कब आएगा यह कोई नहीं बता सकता लेकिन दुनिया मे सिर्फ एक ही चीज है जो समय पर आती है, वह है मौत।

मौत कभी एक पल पहले या दो पल देर से नहीं आती हैं।

बस ध्यान लगाकर जीवन की सार्थकता में अपने आप को खपा दें……….तेरी मृत्यु को भी अर्थ मिल जाएगा।

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