Struggler (उपन्यास) 20 : Don’t Give up

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नाई की गलती या उसकी भूल से बंदर के हाथ अगर दाढ़ी बनाने का उस्तरा लग जाये तो…। बंदर के हाथ उस्तरा!! यह संयोग बंदर के लिए बड़ी हास्यास्पद होगी और मुहल्ले वालो के लिए बहुत ही दुखद। दाढ़ी बनाये जानेवाले उस्तरा को बंदर अपनी बुध्दि के हिसाब से उपयोग दुरुपयोग करेगा। इसके चलतेें उसकी उंगली भी कट सकती है, और नाक भी कट सकती है। यदि किसी व्यक्ति ने उसे चिढ़ाया-खिजाया तो बंदर उस्तरा फेक कर मारेगा और उस व्यक्ति का सिर भी फुट सकता है या उसकी चमड़ी छिल सकती हैं।

बंदर के हाथ मे यदि उस्तरा है तो कुछ भी हो सकता है। नाई एक बार भूल या लापरवाही कर सकता है लेकिन इस दुनिया को बनाने वाले परमात्मा ,कभी किसी भी व्यक्ति को उसकी योग्यता  , प्रतिभा और शिक्षा से अधिक अधिकार नही देते। ….अन्यथा यह अधिकार उस व्यक्ति के लिए बंदर के हाथ मे उस्तरा की तरह ही घातक होगी। इंजीनियरिंग कॉलेज में हजारों लाखों विद्यार्थी पढ़ते है लेकिन सभी तो इंजीनियर नही बन जाते। डॉक्टरी पास करने वाले सभी छात्र एम.डी और एम.बी.बी.एस. ही नही होते बल्कि कुछ नेत्र विशेषज्ञ होते है, कुछ भगंदर बवासीर के इलाज में माहिर होते है। इसी तरह मुम्बइया फिल्म इंडस्ट्री में स्ट्रगल करने वाला हर स्ट्रगलर हीरो ही नही बनता। कुछ सुपरस्टार बनते है तो कुछ केवल कलाकार। कोई लेखक बन जाता है तो कोई कैमरामैन। कोई किसी सुपर स्टार का सेक्रेटरी बन जाता  है तो कोई किसी सुपर स्टारनी का का मेकअप मैन, ड्रेसमैन या स्पॉट बॉय। कोई जूनियर आर्टिस्ट सप्लाई करने का धंधा करता है तो कोई लडकिया सप्लाई करने का गोरखधंधा। अपनी किस्मत और योग्यता के बल पर प्रत्येक स्ट्रगलर किसी न किसी खांचे में अपने आपको फिट कर लेता है। वो स्ट्रगलर कायर होते है जो निराश होकर मुम्बई छोड़ देते है और तो कुछ स्ट्रगलर अभागे होते है जो जहर खाकर या लोकल ट्रेन के नीचे कटकर अपनी लाइफ की स्ट्रगल का THE END कर देते है। हालांकि ऐसे कायर और अभागे स्ट्रगलरो की संख्या बहुत कम है या न के बराबर ।

एक कहावत है कि “जो मुम्बई में कुछ नही कर पाया, समझो कि वह दुनिया के किसी भी कोने में सफल नही हो सकता।”
जो मुम्बई में कुछ करने लगा तो वह मुम्बई की परिधि के बाहर नही निकल सकता क्योंकि यह मुम्बई….चमत्कारी नगरी….माया की नगरी ….मुम्बई में जो कुछ भी चकाचौंध है तो केवल फिल्म इंडस्ट्री की वजह से हैं। अगर इस फिल्मी चक्कर को इस शहर से निकाल कर अलग कर दे तो क्या बचेगा आमची मुम्बई में….? कुछ भी नहीं बचेगा सिवाय बाबा जी के ठुल्लू के !!!

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