How to improve your voice

स्वर , आवाज़ , Sound , ध्वनि , सदा , Voice हमारे मन की भावना जब किसी भाषा मे व्यक्त की जाती है तो उसे वाक्य रूप में दुसरो तक पहुचाने के लिए संवाद / dialogue की जरूरत पड़ती है जिसे आम भाषा मे बोलना / Speaking कहते हैं। जब किसी फिल्म या सीरियल में दो किरदार एक दूसरे से बातचीत करते हैं तो वो डायलॉग स्क्रिप्ट में लिखे गए संवाद बोलते हैं। कई कलाकार मुझसे पूछते हैं कि मेरी आवाज़ खराब है मैं इसे कैसे सुधारूं ?

मेरा मानना है कि ईश्वर हमारे व्यक्तित्व के हिसाब से ही हमे स्वर भी देता है जो खराब नहीं होती हैं। हम अपनी पढ़ाई लिखाई से, संस्कार में पल बढ़ कर अपने बोलने की शैलीको विकसित करते है और यही शैली कई कलाकारों को मशहूर कर देती हैं। अतः हमें दिमाग से यह बात निकाल देनी चाहिए कि मेरी आवाज़ खराब है लेकिन अपनी आवाज़ को , उसके ध्वनि तरंग को, बोलने की शैली को, शब्दों के चयन में निरंतर सुधार करते रहना चाहिए।

जिन मित्रों को फिर भी अपनी आवाज़ से शिकायत है उन्हें कुछ नुस्खे मैं जरूर बताना चाहूंगा।

  1. अपनी आवाज़ को आकर्षक बनाने के लिए गर्म पानी पीना चाहिए। ठंडे पानी का जितना त्याग कर सके उतना अच्छा है क्योंकि शीतल जल हमारे गले को अवरुद्ध करता हैं।
  2. छाती में कफ़ की मात्रा अधिक होने से हमारा स्वर तेज़ नहीं होता, इसलिए कफ़ को बाहर निकलने के लिए रात को सोते समय मुंह मे अदरक का एक टुकड़ा रखकर सोना चाहिए।
  3. अपनी आवाज़ के बेस को बढ़ाने के लिए या मोटा करने के लिए किसी भी आयुर्वेदिक कम्पनी द्वारा निर्मित खदिरादी वटी की एक गोली को मुंह मे रखकर चूसना चाहिए।
  4. सिगरेट,शराब, तम्बाखू और घातक नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहना चाहिए।
  5. ठंडे अथवा बासी भोजन नहीं करना चाहिए। अत्यधिक गर्म पदार्थ को भी तुरन्त नहीं खाना चाहिए।
  6. रोज सुबह उठकर नदी, तालाब, सागर, सुनसान जगह या बन्द कमरे में हमें जोर से लंबे समय तक चीखना या विलाप वाला वो शब्द बोलना चाहिए जिससे हमारे फेफड़े के अंदर की हवा गले से होकर बाहर निकल सके।
  7. रोज सुबह 10 मिनट तक ॐ शब्द का लंबे समय तक खिंचकर आलाप करना चाहिए जिससे कि बाहर की शुद्ध हवा अंदर हमारे गले से होकर फेफड़े तक पहुचें।
  8. हमे प्रतिदिन सुबह अपनी भाषा के अखबार का लय और ताल के साथ सभी खबरों को जोर जोर से बोलकर पढ़ना चाहिए ताकि हमारे भाषा और उच्चारण की अशुद्धि दूर हो सके।
  9. योगासन में जोर जोर से हंसने या रोने वाले आसन करने चाहिए जिसे हम laughter therapy कहते हैं।

ऐसे कुछ घरेलू नुस्खे से हम अपने स्वर को मधुर और आकर्षक बना सकते हैं।

Comments 4

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *