How to register your song in FILM WRITERS ASSOCIATION

किसी भावना की आत्मा को स्वर का स्वरूप मिल जाये तो वो संगीत हो जाता है इसीलिए संगीत सुनने वाले के तन मन को आनंदित कर देता हैं।  किसी के मन की भावना यदि काव्य या छंद रूप में हो तो वह कविता, गीत का रूप ले लेती है और जिसके मन के यह भाव होते है वो कवि या लेखक कहलाते हैं। एक लेखक , कवि, गीतकार तब अमर हो जाता है जब उसकी कृतियाँ लोगों के जुबान पर चढ़ जाती हैं। लोगों के दिमाग या जुबान पर इतनी आसानी से वो गीत या कविता नहीं चढ़ती जब तक कि उसमे… जादू न हो, नशा न हो, मिठास न हो।

आज हम बात वर्तमान के गीतकारों की बॉलीवुड के परिप्रेक्ष्य में करेंगे। फिल्मों में गीत लिखने का मौका एक गीतकार को म्यूजिक डायरेक्टर देता है। इसलिए गीतकार और संगीत निर्देशक का चोली दामन का साथ होता हैं। सबसे बड़ी समस्या यह हैं कि गानों में जो मुखड़े होते है उसकी चोरियां बहुत होती है। आप दूर किसी प्रदेश में बैठे है जैसे कि झारखंड में, उत्तरप्रदेश में, बिहार में, बंगाल में, छत्तीसगढ़ में, नार्थ ईस्ट में…………

भारत के किसी भी कोने में कही भी बैठे है, और आप मुम्बई के किसी म्यूजिक डायरेक्टर से फोन पर संपर्क करते है, और आप उन्हें कहते है कि सर यह मेरा गाना है, सुन लीजिए, आपको पसंद आये तो मुझे काम दीजिये, मेरा गाना रिकॉर्ड कीजिये, और ऐसे समय मे म्यूजिक डायरेक्टर आपका गाना फोन पर सुन लेते है। उस टाइम उन्हें वो गाना अच्छा लगे या न लगे वो कह देते है कि , ” नही यार मजा नही आया तुम्हारे गाने में …कुछ अच्छा लिखकर सुनाइये या वगैरह वगैरह वगैरह कहकर *next time*…पर टाल देते है। आप निराश होकर या उत्साह में आप और अच्छे गीत लिखने में जुट जाते है। फिर कुछ समय बाद आप अपने उसी गीत के मुखड़े को अपने उसी प्रदेश में बैठकर किसी फिल्म में वही गीत सुनते है जो आपने म्यूजिक डायरेक्टर को फोन पर सुनाया था। फिर आप के मन मे कई सवाल उठने लगते है की अरे ये तो मैंने ये फलां फलां म्यूजिक डायरेक्टर को सुनाया था,और उन्हें उस वक़्त ये गीत पसन्द नहीं आया था लेकिन आज वही गीत उसी म्यूजिक डायरेक्टर के निर्देशन में किसी फिल्म में बज रहा है ?

इसी को कहते है चीटिंग। फिल्मी गाने की चोरी।। ऐसे कई लेखक है जिन्हें कॉपीराइट के बारे में पता नही है,जिन्हें रॉयल्टी के बारे में पता नही है, जो भोले-भाले है, जो सिर्फ दिल से गीत लिखना जानते है, मन से गीत लिखना जानते है, और जिनका ख्वाब होता है कि मेरी लिखी हुई गीत किसी फिल्म में हो। और जब उनके साथ धोखा होता है,तब उनका मन बहुत बुरी तरह से टूट जाता हैं।। गाना में होता ही क्या है……. एक मुखड़ा होता है और दो तीन अंतरा, मुखड़ा का ही तो वैल्यू होता है,बाकी अंतरा में कुछ भी डाल दिया जाये,  गाने का मुखड़ा ही तो हिट होता है।।।।

“तुमसे बना मेरा जीवन, सुंदर सपन सलोना, मुझसे जुदा न होना,मुझसे खफा न होना”
(Lyrics:Anand bakshi)
( Film:khatron ke khiladi)

यह गाना का मुखड़ा है, चार लाइन का मुखड़ा, कितना प्यारा मुखड़ा है। अगर आपके चार लाइन का मुखड़ा कोई चुरा ले,
फिर बचे दो-तीन अन्तरे को किसी भी राइटर से लिखवा ले,
आपकी मेहनत तो गयी ना पानी मे, आपका मुखड़ा तो मिल गया न मिट्टी में, गीत लिखने का क्रेडिट कोई और ले गया जब कि वो गीत आपने लिखा था, यह तो सरासर अन्याय हुआ न आपके साथ । बहुत सारे नए गीतकारों के साथ ऐसी धोखेबाजी अक्सर होती रहती हैं।। तो ऐसे धोखेधड़ी से बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। इससे बचने के लिए सब से पहला काम बिल्कुल कानूनी पहल यह करनी चाहिए कि ,आपके गाने को कोई चुरा नही सके।

एक एसोसिएशन है मुम्बई में जिसका नाम है  FILM WRITERS’ ASSOCIATION या SCREEN WRITERS’ ASSOCIATION जिसका मुम्बई के अंधेरी उपनगर में आफिस है, जिसकी वेबसाइट पर आपको पूरी डिटेल्स मिल जाएगी।

Address : 201/204, Richa, Plot no B – 29,
Off New Link Road,Opp.City Mall,
Andheri (West) Mumbai – 400 053,

Phone:
+91 22 2673 3027 / 2673 3108
Website : http://fwa.co.in
​Email :
 [email protected]

सबसे पहले आप इस एसोसिएशन के सदस्य बनिये । आपको एक मेम्बरशिप कार्ड मिल जाएगा, आपको मेम्बरशिप नंबर मिल जाएगा। read membership criteria इस मेंबरशिप कार्ड का फायदा यह है कि जब आप कोई गीत लिखते है, कोई सुंदर से गीत का मुखड़ा लिखते है,

चेहरा क्या देखते हो,
दिल में उतरकर देखो ना,
दिल मे उतरकर देखो ना।
(Lyrics:Madan pal)
(Film:Salaami)

जब ऐसे मुखड़े या इससे भी बेहतरीन मुखड़े आप लिखते है,तो सबसे पहले आप इस मुखड़े को या इसके साथ जितने भी अंतरे लिखे है,इन सब को अपने उस एसोसिएशन में रजिस्टर्ड करवा लीजिये। प्रति पन्ने registeration के लिए आपको कुछ शुल्क भी देना पड़ेगा, आपके उस गीत की प्रति पर एसोसिएशन एक ठप्पा लगा देते है,इस घोषणा के साथ कि, आज के दिन,ये समय पर,ये राइटर ने, ये गीत लाकर दिया और हमने इसे अपने एसोसिएशन में रजिस्टर्ड कर लिया , अब यह गीत की रॉयल्टी, कॉपी राइट या मालिकाना हक है-फलां गीतकार के पास अब ये गीत किसी ने अगर चोरी की तो उस के ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एक बार जब आपका गीत एसोसिएशन से रजिस्टर्ड हो गया तो अब आप उस गीत को किसी भी म्यूजिक डायरेक्टर को, फिल्म निर्देशक को फोन पर सुनाइये, या मिलकर सुनाइये,  अब कोई आपके गीत को चुराने की हिम्मत नहीं कर सकता !!!

“सुन रहा है न तू रो रहा हूँ मैं”
(Lyrics:Sandeep Nath)
(Film: Aashiqui 2)

सिर्फ एक ही लाइन है इस गीत का जो लोगो को याद है, एक ही लाइन भले ही गाना तीन से चार मिनट का है,लेकिन किसी भी ऑडियंस से पूछ लीजिये पूरा गाना सुना दे। ना – नही सुना सकता,सिर्फ यही एक लाइन सब के दिमाग मे है,मतलब यह गाने के मुखड़े का दम देखिए आप,सिर्फ एक लाइन गाने को और फिल्म को हिट करने की ताकत रखता हैं।

“सुन रहा है न तू,रो रहा हु मैं” गाना हिट हुआ और इसी के साथ
फिल्म हिट, गाना हिट, गीतकार हिट, म्यूजिक डायरेक्टर हिट,
सिंगर हिट। कहने का मतलब ये है कि जब आप किसी
म्यूजिक डायरेक्टर को, डायरेक्टर को, प्रोड्यूसर को,
फ़ोन पर या सामने बैठ के गीत या गीत का मुखड़ा सुनाते है तो कृपा करके आप अपने उस गाने को रजिस्टर्ड करवा लीजिये क्योंकी अगर आपने उन्हें गाना सुनाया,और उस गाने को उन लोगों ने अपने हिसाब से डेवलप किया,आपको नही बुलाया, आपको हटा दिया, आपको सूचित भी नही किया कि हम आपके गाने को फलां फिल्म में ले रहे है, आपके गाने का मुखड़ा चुरा लिया, अंतरा किसी से भी लिखवा लिया,फ़िल्म रिलीज हो गयी, गाना हिट हो गया,
आपको पता चला, आपने सुना वह गाना…………..

ओ^^^तेरी…….  ये गाना तो मैंने फलां म्यूजिक डायरेक्टर को,
या किसी डायरेक्टर को, प्रोड्यूसर को, सुनाया था और इन्होंने यह फिल्म बनाई जिसमे मेरा गाना है, और क्रेडिट में मेरा नाम नही है,पैसा मिलना तो दूर की बात। तो ऐसी परिस्थिति में आप तुरन्त अपने एसोसिएशन में फोन करिये, या कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज करवाइये कि, इन्होंने मेरा गीत चुराया है, ये गीत मैन फलां आदमी को फलां समय पर फलां जगह पर सुनाया था, इन्होंने मेरे गाने में हल्का-फुल्का थोड़ा सा हेर-फेर करके मेरा गाना अपने फिल्म में इस्तेमाल कर लिया और मुझे नही बुलाया, मुझे साइन नही किया, मुझे पैसा नही दिया, मुझे क्रेडिट टाइटल में नाम नहीं दिया,
आप तुरंत अपनी कंप्लेन दर्ज कराइये, और उनसे रिक्वेस्ट करिये की जल्द से जल्द आपके साथ इंसाफ हो। मेरा विश्वास करिये की जल्द से जल्द आपके साथ आपका एसोसिएशन इंसाफ करेगा।

आज कल नई सुविधा भी आ गयी है कि आप अगर मुम्बई से दूर किसी प्रदेश में रहते है,और अगर आप रजिस्टर्ड करने मुम्बई नही आ सकते तो आप ऑनलाइन भी रजिस्टर्ड करवा सकते है। अगर आप सावधान नही रहेंगे, तो जब कोई आपका गाना चुरा लेगा तो आप ये दर्दभरा गीत गाते रह जाएंगे।

“सनम तोड़ देता मोहब्बत के वादे,अगर जान जाता मैं तेरे इरादे,मेरी भूल क्या थी,ये क्या चाहता था,किसी बेवफा से ये वफ़ा चाहता था।”*
(Lyrics:Sameer)
(Film:Aashiqui)

 

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