Struggler (उपन्यास) 8 : COMPROMISE DEAL 

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भारतीय सभ्यता एवं प्राचीन संस्कार के अनुसार स्त्री एवं पुरुष के शारीरिक सम्बन्ध के लिए कई मर्यादाएं निश्चित की गई हैं। सम्भोग से असीम एवं परम् आनंद की अनुभूति महसूस करने के अतिरिक्त सन्तान पैदा करने की प्राकृतिक व्यवस्था की गई हैं। सम्भोग का आनंद लोग शादी के पहले छिपकर या शादी के बाद सामाजिक स्वीकृति से आनंद लेते है परंतु विवाह के पहले सन्तान होना अनैतिक,असामाजिक एवं निंदनीय होता हैं। विवाहोपरांत सन्तानुतपत्ति को सामाजिक प्रशंशा मिलती हैं। विवाह के पश्चात सम्भोग एक उत्सव की तरह होता हैं लेकिन विवाह के पहले यही सम्भोग एक घृणित, कुत्सित अपराध की श्रेणी में आता हैं। समाज कितना ही आधुनिक हो जाये लेकिन वो खुलकर विवाह के पहले सेक्स की इजाज़त नहीं देता परन्तु वास्तविक स्थिति इस विचार के बिल्कुल विपरीत हैं। यौन शोषण के अपराध को रोकने के लिए सरकार ने भी कई कड़े नियम कानून बनाये हैं। जब कोई पुरुष किसी स्त्री के इच्छा के विरुद्ध उसके साथ जबरन शारीरिक सम्बन्ध स्थापित करता है तो यह यौन अपराध है। कच्ची उम्र के किशोर किशोरी विवाह के पहले हमबिस्तर होते है तो यह मानसिक, आत्मिक पाप हैं। लेकिन आज के आधुनिक 21वी शताब्दी में इस तरह के विचारों को दकियानूसी कहकर खारिज कर दिया जाता हैं। अब इसी सम्भोग या सेक्स के मुद्दे को बॉलीवुड के नज़रिए से देखने की कोशिश करते हैं।

यौन शोषण के सामाजिक अपराध और सामाजिक नियम को तोड़कर शारीरिक सुख के लिए किए जाने वाले पाप के अतिरिक्त एक बहुत ही मॉडर्न तरीका पिछले चालीस पैतालीस सालों से चलन में हैं। स्त्री की इच्छा नहीं है फिर भी वह उस पुरुष के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने के आमंत्रण को स्वीकार कर लेती है जो उसके साथ कोई जोर जबरदस्ती नहीं करता हैं। मतलब इच्छा भी नही है फिर भी अपनी मर्जी से खुशी खुशी उसके साथ हम बिस्तर होना है जो न तो उसका पति है न उसका बॉय फ्रेंड…….

उस पर सबसे मजेदार तुर्रा ये की न तो ये कोई क्राइम है और न ही कोई पाप ।।।।।।

ऐसे मामलों की सच्चाई ये हैं कि लड़की महत्वाकांक्षी है और लड़का इस लायक हैं कि वह उसे उसके महत्वाकांक्षा के सबसे ऊंचे पायदान पर चढ़ा सकता हैं।  जब ये महत्वाकांक्षा और उसके उसके साधन सहूलियत के बीच, किसी भी क्षेत्र में किसी भी सेक्टर में और खासकर दुनिया के सभी फिल्म इंडस्ट्री में, बॉलीवुड में भी………………दो युवा तन बदन के बीच इस तरह के सम्बंध पनपने लगते है जो ” Give & Take ” के फार्मूले पर आधारित होते हैं। ” Fuck & Forget “ जैसा आदर्श वाक्य तो फिल्म इंडस्ट्री का बहुत पुराना दस्तूर हैं कि Barter System जैसे तुम मुझे “काम”(एक्टिंग ) दो और काम के बदले मुझसे ” काम” (सेक्स) लो।
आजकल तो कई लड़कियां इस जुमले को बड़े शान से कहती हैं कि हमारी मुम्बईयाँ फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ दो ही चीजें चलती हैं,………..

या तो FUCK या तो LUCK……..
हाँ, एक बात और,

ऐसे COMPROMISE DEAL सिर्फ दो अपोजिट जेंडर के बीच ही नहीं होते, अब तो एक ही जेंडर के बीच ऐसे डील बहुत धड़ल्ले से खुलेआम हो रहे हैं। क्यों न हो भाई, फ़िल्म इंडस्ट्री ही तो फैशन के ट्रेंड सेट करती हैं तो क्यों न चलो कुछ थोड़ा तूफानी ही कर लिया जाए।

COME to fulfill ur PROMISE is COMPROMISE

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