struggler (उपन्यास) 10 : Value- of Talent in film Industry

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Struggler novel

यदि आप अच्छे लेखक हैं और आपके पास सुनाने दिखाने के लिए मजेदार कहानियां हैं, यदि आप गायक हैं और आप अपने मधुर आवाज से सुनने वाले को दिवाना बना लेने की काबिलियत हैं, यदि आप अच्छे नृतक हैं और अपने डांस स्टेप से दूसरों को चकित कर सकते हैं, यदि आप मिमिक्री आर्टिस्ट या स्टैंड अप कॉमेडियन है और आपको देखने सुनने वाला हंस हंस के लोटपोट हो जाये, आप कोई वाद्य बजाने में निपुण हो, कहने का मतलब ये हैं कि आपके पास ऐसी कोई भी क्षमता या योग्यता हो जिसे आप बड़ी कुशलता के साथ लोगों के सामने बेझिझक प्रदर्शित कर सके, लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल है तो ऐसे कलाकारों को अधिक संघर्ष करने की आवश्यकता नहीं होती हैं।मुम्बई फिल्मी दुनिया मे ऐसे कई पारखी हैं जो विशेष गुण सम्पन्न नव कलाकारों को खुले मन से ब्रेक देते हैं। समस्या उनके साथ होती हैं जो कहते हैं कि मैं एक्टर हूँ। अपने आपको एक्टर कहने वाले स्ट्रगलरों की संख्या बहुत ज्यादा हैं। अपने आपको एक्टर कहनेवाले स्ट्रगलरों के पास दिखाने के लिए कुछ फोटोग्राफ्स या उनके अभिनय की वीडियो लिंक्स होती है जो सामने वाले को खास आकर्षित नहीं कर पाती हैं। अब ऐसे स्ट्रगलर न जल्दी किसी के दिल मे उतर पाते हैं न किसी को अपने दिल मे उतार पाते हैं। ऐसी परिस्थिति में उनका स्ट्रगल बड़ा बड़ा सूखा सूखा सा हो जाता हैं। कभी कभी तो बड़ी कोफ्त सी होने लगती हैं अपने आपको एक्टर कहने में……..लेकिन अब कर ही क्या सकते है……..जब तक कि एक बढ़िया मौका न मिल जाये अपनी एक्टिंग दिखाने का……….तब तक तो यूं ही करना पड़ेगा……….स्ट्रगल ।।।

जीवन लक्ष्य की बने फिल्मी एक्टर,
शुरू हुआ जमीं से आसमाँ का सफर,
दांव लगाया सपनों को खा रहे ठोकर,
नाम अपना करके रहेंगे एक दिन,
सीना ठोक कर कहता हैं स्ट्रगलर ।।।

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